अंतिम अपडेट: 18 अक्टूबर 2026
संक्षेप में: किसी दिवंगत व्यक्ति का पैसा क्लेम करने के लिए लगभग हर संस्था मृत्यु प्रमाणपत्र, क्लेम करने वाले का KYC (PAN, आधार, बैंक विवरण) और क्लेम फ़ॉर्म माँगती है। नॉमिनी हो तो आमतौर पर इतना काफ़ी है। नॉमिनी न हो तो आपको कानूनी वारिस होने का प्रमाण भी चाहिए, और बड़ी राशि के लिए सक्सेशन सर्टिफ़िकेट या प्रोबेट (वसीयत पर कोर्ट की मंज़ूरी)।
इस गाइड में (किसी हिस्से पर जाने के लिए टैप करें)
- यह गाइड किसके लिए है
- मुख्य दस्तावेज़: पहले ये जुटाएँ
- नॉमिनी, संयुक्त खाताधारक या कानूनी वारिस: आप कौन हैं?
- कानूनी वारिस प्रमाणपत्र बनाम सक्सेशन सर्टिफ़िकेट
- कानूनी वारिसों से आमतौर पर माँगे जाने वाले अतिरिक्त दस्तावेज़
- पैसे के प्रकार के हिसाब से झटपट जानकारी
- आम समस्याएँ और उनका हल
- धोखाधड़ी से सावधान रहें
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- आधिकारिक लिंक
यह गाइड किसके लिए है
- वे परिवार जो किसी दिवंगत माता-पिता, पति/पत्नी या रिश्तेदार के पैसे का हिसाब कर रहे हैं
- नॉमिनी जो जानना चाहते हैं कि बैंक, EPFO या बीमा कंपनी जाने से पहले क्या साथ ले जाएँ
- भारत में परिवार के किसी सदस्य की संपत्ति संभाल रहे NRI
मुख्य दस्तावेज़: पहले ये जुटाएँ
लगभग हर क्लेम में इनकी ज़रूरत पड़ेगी, इसलिए इनकी कई सत्यापित (अटेस्टेड) कॉपियाँ बनवा लें।
- नगर पालिका या स्थानीय रजिस्ट्रार से मृत्यु प्रमाणपत्र। कई मूल प्रतियाँ माँगें; कुछ संस्थाएँ एक अपने पास रख लेती हैं।
- क्लेम करने वाले का PAN और आधार
- क्लेम करने वाले के बैंक खाते का विवरण और एक कैंसल चेक
- क्लेम करने वाले की पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो
- दिवंगत व्यक्ति की जानकारी: PAN, आधार, खाता, पॉलिसी या फ़ोलियो नंबर, पासबुक, FD रसीदें, शेयर सर्टिफ़िकेट, पुराने स्टेटमेंट
- दिवंगत व्यक्ति से रिश्ते का प्रमाण, जैसे जन्म या विवाह प्रमाणपत्र, राशन कार्ड या फ़ैमिली ID
- संस्था का अपना क्लेम फ़ॉर्म
नॉमिनी, संयुक्त खाताधारक या कानूनी वारिस: आप कौन हैं?
- नॉमिनी: जिसका नाम खाते या पॉलिसी में दर्ज है। आमतौर पर सिर्फ़ मुख्य दस्तावेज़ चाहिए होते हैं। पैसा नॉमिनी को मिलता है, लेकिन वसीयत या उत्तराधिकार कानून के अनुसार उसे कानूनी वारिसों के साथ बाँटना पड़ सकता है।
- सर्वाइवर शर्त वाला संयुक्त खाताधारक: जीवित खाताधारक मृत्यु प्रमाणपत्र देकर खाता जारी रखता है।
- कानूनी वारिस (नॉमिनी नहीं): वारिस होना साबित करना पड़ता है। यहीं नीचे दिए अतिरिक्त दस्तावेज़ों की ज़रूरत पड़ती है।
कानूनी वारिस प्रमाणपत्र बनाम सक्सेशन सर्टिफ़िकेट
इन दोनों में अक्सर भ्रम होता है। ये अलग-अलग दस्तावेज़ हैं, जो अलग-अलग अधिकारी जारी करते हैं।
| कानूनी वारिस प्रमाणपत्र | सक्सेशन सर्टिफ़िकेट (उत्तराधिकार प्रमाणपत्र) | |
|---|---|---|
| कौन जारी करता है | राजस्व अधिकारी, जैसे तहसीलदार | सिविल कोर्ट, भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 के तहत |
| यह क्या करता है | बताता है कि कानूनी वारिस कौन हैं | धारक को दिवंगत व्यक्ति के बकाया पैसे और सिक्योरिटीज़ लेने का अधिकार देता है |
| आमतौर पर किसके लिए | पेंशन, ग्रेच्युटी, PF, बीमा, बिजली-पानी जैसे बिल और टैक्स के मामले | बड़े बैंक बैलेंस, शेयर, डिबेंचर और दूसरी सिक्योरिटीज़, खासकर जब नॉमिनी न हो या विवाद हो |
| समय और खर्च | आमतौर पर कुछ हफ़्ते, कम खर्च | आमतौर पर कई महीने, कोर्ट फ़ीस और अक्सर वकील |
अगर वसीयत है, तो राज्य और संपत्ति के हिसाब से एग्ज़ीक्यूटर को इसकी जगह प्रोबेट की ज़रूरत पड़ सकती है।
बैंक जमा के लिए अच्छी खबर: RBI के 2025 के नियमों के तहत बैंकों को कमर्शियल बैंकों में कम से कम ₹15 लाख और को-ऑपरेटिव बैंकों में ₹5 लाख तक के क्लेम के लिए बिना सक्सेशन सर्टिफ़िकेट वाली सरल प्रक्रिया अपनानी होती है। हमारी दिवंगत व्यक्ति का बैंक खाता क्लेम करने की गाइड देखें।
कानूनी वारिसों से आमतौर पर माँगे जाने वाले अतिरिक्त दस्तावेज़
- सभी कानूनी वारिसों की सूची वाला एफ़िडेविट, अक्सर स्टाम्प पेपर पर और नोटरी से प्रमाणित
- अगर सिर्फ़ एक वारिस क्लेम कर रहा है, तो बाकी वारिसों के अनापत्ति पत्र
- सरल प्रक्रिया की सीमा के भीतर की राशि के लिए इंडेम्निटी बॉन्ड, कभी-कभी ज़मानतदार (श्योरिटी) के साथ
- राशि और संस्था के हिसाब से कानूनी वारिस प्रमाणपत्र, सक्सेशन सर्टिफ़िकेट या प्रोबेट
शुरू करने से पहले संस्था से उसकी लिखित चेकलिस्ट ज़रूर माँगें। ज़रूरतें अलग होती हैं, और सक्सेशन सर्टिफ़िकेट बनवाने में महीनों लगते हैं, इसलिए पहले पता कर लें कि आपको सच में उसकी ज़रूरत है या नहीं।
पैसे के प्रकार के हिसाब से झटपट जानकारी
| पैसे का प्रकार | कहाँ क्लेम करें | आमतौर पर माँगे जाने वाले अतिरिक्त दस्तावेज़ |
|---|---|---|
| बैंक जमा | बैंक की ब्रांच (पहले UDGAM पर खोजें) | बैंक का क्लेम फ़ॉर्म; वारिस के दस्तावेज़ सिर्फ़ तब जब नॉमिनी न हो |
| प्रॉविडेंट फ़ंड (EPF) | EPFO, ऑनलाइन या क्षेत्रीय दफ़्तर में | Form 20 (PF), Form 10D (पेंशन), Form 5IF (EDLI बीमा); नॉमिनेशन न हो तो वारिस होने का प्रमाण। हमारी पुराने PF की गाइड देखें |
| जीवन बीमा | बीमा कंपनी (बीमा भरोसा से पता करें) | पॉलिसी डॉक्यूमेंट, या खो गया हो तो इंडेम्निटी, क्लेम फ़ॉर्म, कभी-कभी मेडिकल या अस्पताल के रिकॉर्ड |
| म्यूचुअल फ़ंड | AMC या रजिस्ट्रार (CAMS, KFintech); MITRA पर खोजें | ट्रांसमिशन रिक्वेस्ट फ़ॉर्म; नॉमिनी न हो और राशि AMC की सीमा से ऊपर हो तो वारिस के दस्तावेज़ |
| डीमैट में शेयर | डिपॉज़िटरी पार्टिसिपेंट (ब्रोकर) | ट्रांसमिशन फ़ॉर्म; नॉमिनी न हो तो वारिस के दस्तावेज़ |
| IEPF में भेजे गए शेयर या डिविडेंड | एंटाइटलमेंट लेटर के लिए कंपनी या RTA, फिर Form IEPF-5 | एंटाइटलमेंट लेटर, इंडेम्निटी, और शेयरों के लिए डीमैट खाता |
आम समस्याएँ और उनका हल
अलग-अलग दस्तावेज़ों में नाम की स्पेलिंग अलग है
नोटरी से प्रमाणित “एक ही व्यक्ति” (one and the same person) एफ़िडेविट बनवाएँ, और दोनों स्पेलिंग वाले दस्तावेज़ साथ रखें।
एक वारिस विदेश में है
NRI वारिस आमतौर पर भारतीय दूतावास या कॉन्सुलेट में, या एपोस्टिल वाले नोटरी के सामने अनापत्ति पत्र या एफ़िडेविट पर हस्ताक्षर कर सकते हैं, यह इस पर निर्भर है कि संस्था क्या स्वीकार करती है।
कोई वारिस सहयोग नहीं कर रहा
तब संस्था आमतौर पर सक्सेशन सर्टिफ़िकेट या कोर्ट के आदेश पर ज़ोर देती है। किसी वकील से सलाह लें।
धोखाधड़ी से सावधान रहें
बैंक, EPFO या दूसरे आधिकारिक माध्यमों से क्लेम करना मुफ़्त है। ऐसे किसी “एजेंट” को कभी पैसे न दें जो खुद फ़ोन या मैसेज करके पैसा वापस दिलाने की पेशकश करे। OTP, पासवर्ड या खाते की पूरी जानकारी कभी शेयर न करें। अगर कोई आपको निशाना बनाए, तो cybercrime.gov.in पर शिकायत करें या 1930 पर कॉल करें।
आगे क्या करें
- बैंक जमा क्लेम कर रहे हैं? दिवंगत माता-पिता के लिए स्टेप-बाय-स्टेप बैंक क्लेम
- PF क्लेम कर रहे हैं? नॉमिनी या परिवार द्वारा PF डेथ क्लेम
- पता नहीं उनके खाते किन बैंकों में थे? UDGAM पर उनका नाम खोजें
- पता नहीं उनके पास क्या-क्या था? “मेरा पैसा कहाँ हो सकता है?” फ़ाइंडर इस्तेमाल करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
नॉमिनी होने पर भी क्या सक्सेशन सर्टिफ़िकेट चाहिए?
आमतौर पर नहीं। संस्था मृत्यु प्रमाणपत्र, KYC और क्लेम फ़ॉर्म लेकर नॉमिनी को भुगतान कर देती है।
महाराष्ट्र में कानूनी वारिस प्रमाणपत्र के लिए कहाँ आवेदन करें?
यह राजस्व अधिकारी जारी करते हैं, आमतौर पर उस इलाके का तहसीलदार दफ़्तर जहाँ दिवंगत व्यक्ति रहते थे। मौजूदा प्रक्रिया राज्य के आधिकारिक सेवा पोर्टल पर देखें।
सक्सेशन सर्टिफ़िकेट में कितना समय लगता है?
यह कोर्ट की प्रक्रिया है और आमतौर पर कई महीने लगते हैं, किसी ने आपत्ति की तो और ज़्यादा।
क्या पैसा क्लेम करने के लिए वसीयत काफ़ी है?
कुछ संस्थाएँ सहायक एफ़िडेविट के साथ वसीयत स्वीकार कर लेती हैं; दूसरी, खासकर बड़ी राशि के लिए, प्रोबेट माँगती हैं। संस्था से पूछें।
आधिकारिक लिंक
- अनक्लेम्ड वित्तीय संपत्तियों का कॉमन लैंडिंग पोर्टल: unclaimedassetsportal.in
- सभी आधिकारिक पोर्टल: आधिकारिक पोर्टल
अंतिम अपडेट: 18 अक्टूबर 2026। ज़रूरतें संस्था और राज्य के हिसाब से बदलती हैं। अगर यहाँ लिखी कोई बात अब मेल न खाए, तो कृपया हमें बताएँ।
संबंधित गाइड
- RBI के UDGAM पोर्टल पर अनक्लेम्ड बैंक जमा कैसे चेक करें
- मृत माता-पिता के बैंक खाते का पैसा कैसे क्लेम करें
- पुराने PF खाते का पैसा कैसे खोजें और क्लेम करें
- भूले हुए म्यूचुअल फ़ंड और अनक्लेम्ड MF पैसा कैसे खोजें (MITRA और MF Central)
- सभी गाइड देखें
इस गाइड के बारे में: यह गाइड Unclaimed Now संपादकीय टीम ने RBI, EPFO और दूसरी संस्थाओं के आधिकारिक नियमों के आधार पर लिखी है। Unclaimed Now एक स्वतंत्र गाइड है, सरकारी वेबसाइट नहीं। यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं। हम अपनी गाइड कैसे लिखते हैं।